देवी गीत || नवरात्रि स्पेशल || बिगड़ी है मैय्या मनाऊं कैसे..|| DEVI BHAJAN || NARENDRA OFFICIAL

#रूपा सिंह
#कोमल सिंह
#नरेंद्र_सिंह_सीधी

हमारा बघेलखण्ड क्षेत्र अपनी विसिष्ट सांस्कृति विरासत के लिए पूरे देश में जाना जाता है | हम अपने क्षेत्र की लोक परम्परा को कुछ इस तर ह समझ सकते हैं-:
बघेली गीत प्रकार -: संस्कार गीत, ऋतु गीत, अनुष्ठानिक गीत /देवी गीत, श्रम गीत, यात्रा गीत, जातीय गीत, खेल गीत, मंत्र गीत, अन्य गीत |
बघेली लोक कथाओं की विषय वस्तु -: पशु-पक्षी, जानवरों, नीतिपरक, धर्म संबंधी, स्थानीय देवी-देवताओं, जातिगत, भूत-प्रेत, जातक, प्रेम परक, युद्ध संबंधी कथाएं, खेती किसानी संबंधी |
बघेली गाथा गायन रूप -: चंदैनी, छाहुर, ललना, चंदनुआ, पदुम कंधइया, गढ़ केउंटी, रेवा–परेवा, नल-दयमन्ती, राजा हरिश्चन्द्र, रानी केतकी, बसामन मामा, बसदेवा, कोहरौहीं |
बघेली कहावतों की विषय-वस्तु -: कृषि, नीतिपरक, जातिगत, पशु-पक्षी, धर्म संबंधी, राजवंश, तकनीक बघेलखण्ड के लोक नृत्य -: करमा, सैला, गुदुम्ब-बाजा, अहिराई, अहिराई-लाठी, केहरा, जेड़ी, कोलदहका, सुआ-रीना, देवारी-छौंका, धोबिआई, जवारा काली, बरिहौंही, दुल-दुल घोड़ी, अगुआनी, लागा, कलशा, बैगा फाग नृत्य, परघौनी, बीछी आदि |
बघेली शिल्प कला -: बांस शिल्प, काष्ठ शिल्प व पत्थर शिल्प, लौह शिल्प, मृदा शिल्प
बघेली चित्रकला व अंग अंकन -: आदिवासी पेंटिंग, भित्ति चित्र- (बैगा, गोंड़, घसिया, कोल, ढोलिया आदि के भित्ति चित्र, भूमि चित्र | हमारा बघेलखण्ड और उसकी पारम्परिक विरासत की रक्षा प्रचार-प्रसार के लिए आप सबका सहयोग सादर आपेक्षित है | https://youtu.be/c87k3xweJ0c https://youtu.be/z42wZHmg0Ws https://youtu.be/T68tpaG-AOc
जय लोक जय बघेलखण्ड

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